Skip Navigation Links

निम्न आसनों में से किसी का भी चुनाव कीजिये-
पद्मासन
मत्स्यासन
पर्वतासन
नौकासन
पश्चिमोत्तनासन
शवासन
सुप्तवज्रासन
वज्रासन
मयूरासन
गोरक्षासन या भद्रासन
योगमुद्रासन
अर्धमत्स्येन्द्रासन

नौकासन

इस आसन में हमारा शरीर नौका के समान दिखाई देता है, इसी कारण इसे नौकासन कहते है। यदि आपको इस तरह की समस्याएं हैं तो आपकी इन समस्याओं में नौकासन जरूर फायदा पहुंचाएगा। क्या आपके पाचन तंत्र में कोई समस्या है ? छोटी-बड़ी आंत में की कोई बीमारी है ? हर्निया रोग से ग्रसित हैं ? नींद अधिक आती है ?
विधि:
समतल स्थान पर कुछ बिछाकर उस पर पीठ के बल लेट जाएं। अब दोनों हाथों, पैरों और सिर को ऊपर की ओर उठाएं जैसा कि चित्र में दिखाया गया है। इसी अवस्था को नौकासन कहते हैं। कुछ देर इसी पोजीशन में रहें और फिर पुन: धीरे-धीरे हाथ, पैर और सिर को जमीन पर ले आएं।
लाभ:
इस आसन से आपका पाचन तंत्र स्वस्थ रहेगा, हर्निया की समस्या में राहत मिलेगी। अंगूठे से अंगुलियों तक खिंचाव होने के कारण शुद्ध रक्त तीव्र गति से प्रवाहित होता है, जिससे शरीर निरोगी बना रहता है। यदि आपको नींद अधिक आती है तो उसे नियंत्रित करने में ये नौका आसन सहायक है! इस आसन में अपने इष्ट देव के मंत्रों का जप करने से त्वरित लाभ प्राप्त होता है।